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पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, फुटेज में देंखे STF की बड़ी कार्रवाई; 14 दिन की पुलिस रिमांड

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, फुटेज में देंखे STF की बड़ी कार्रवाई; 14 दिन की पुलिस रिमांड

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वी बर्धमान जिले से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हामिम मंडल के रूप में हुई है। उसे गुरुवार देर रात एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन और घर से बरामद दस्तावेजों में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री से जुड़ी जानकारी जुटाने का आरोप

एसटीएफ के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि हामिम मंडल पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी गतिविधियों और उनकी सुरक्षा संबंधी जानकारी जुटा रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी का उद्देश्य क्या था और वह यह जानकारी किसके निर्देश पर एकत्र कर रहा था।पुलिस ने आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि उसके नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाया जा सके।

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड से करीबी संबंध होने का दावा

पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार हामिम मंडल के संबंध पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड सज्जाद भट से रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला भारत के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जाता है।हालांकि, पुलिस फिलहाल आरोपी के कथित संपर्कों और गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है तथा इस संबंध में और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

14 दिन की पुलिस हिरासत

गिरफ्तारी के बाद हामिम मंडल को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस दौरान जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर उसके संभावित नेटवर्क, फंडिंग, संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाएंगी।

भाजपा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल लंबे समय से कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के लिए सुरक्षित गलियारा बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे समूह अब उन नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने उनके मंसूबों को विफल किया है।हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जांच जारी

एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं तथा उसके अन्य सहयोगी कहां सक्रिय हैं।

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