पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार पर सख्ती: शुभेंदु अधिकारी ने 41 विभागों के सचिवों को दिया ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 41 विभागों के सचिव शामिल हुए, जहां भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने का स्पष्ट संदेश दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे शुभेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत किया जाए ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी शासन व्यवस्था जरूरी है।
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है, और इस बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे सख्त संदेश प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ाते हैं और सुधार की दिशा में प्रेरित करते हैं।
हालांकि, इस बैठक को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इस निर्देश को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल, राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निगरानी की चर्चा तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव प्रशासनिक स्तर पर देखने को मिल सकते हैं।

