आरजी कर रेप-मर्डर केस में फिर होगी जांच, शुभेंदु अधिकारी बोले- पुलिस ने ड्यूटी निभाने में की लापरवाही
कोलकाता के चर्चित आरजी कर अस्पताल रेप और मर्डर केस को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले में नए सिरे से जांच कराने का ऐलान किया गया है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच के दौरान पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही।
आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के बाद बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामले की जांच को लेकर भी कई सवाल उठाए गए थे। अब दोबारा जांच की घोषणा के बाद इस मामले में एक बार फिर नई बहस शुरू हो गई है।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई। उन्होंने संकेत दिया कि नई जांच में उन पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिन्हें पहले की जांच में पर्याप्त रूप से सामने नहीं लाया गया।
मामले को लेकर लंबे समय से पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों की ओर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाती रही है। ऐसे में नए सिरे से जांच की घोषणा को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
घटना के बाद देशभर में हुआ था विरोध
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त 2024 में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में डॉक्टरों और आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे।
इस घटना के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी तक पहुंची और अदालत में भी इस प्रकरण को लेकर सुनवाई हुई।
नई जांच से क्या सामने आएगा?
अब नए सिरे से जांच की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में किन नए पहलुओं को शामिल किया जाएगा और क्या इससे मामले से जुड़े पुराने सवालों के जवाब मिल पाएंगे। पुलिस की भूमिका, जांच की प्रक्रिया और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की नए सिरे से समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।
शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और उससे मामले में क्या नए तथ्य सामने आते हैं।

