पश्चिम बंगाल में EVM स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर सियासी तनाव बढ़ा, वीडियो में देंखे सुवेंदु अधिकारी पहुंचे कोलकाता, TMC ने लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित EVM स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे। वे यहां लगभग 10 मिनट तक रुके और स्थिति का जायजा लिया।यह वही स्ट्रॉन्ग रूम है, जहां एक दिन पहले गुरुवार रात को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee लगभग चार घंटे तक मौजूद रहीं थीं। दोनों प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की लगातार मौजूदगी ने इस स्थान को राज्य की चुनावी राजनीति का केंद्र बना दिया है।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के EVM स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और वहां संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। TMC ने यह भी आरोप लगाया है कि EVM के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हुई और परिसर में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई।हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के बीच एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा मतदान कराने का निर्देश दिया है। यह निर्णय 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान सामने आई अनियमितताओं और हिंसा की घटनाओं के बाद लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, उस दिन डायमंड हार्बर क्षेत्र के 4 बूथों और मगराहट पश्चिम के 11 बूथों पर हिंसा, झड़प और EVM से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।राज्य में EVM स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और निगरानी को लेकर लगातार राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां भाजपा और TMC दोनों ही एक-दूसरे पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगा रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती हैं, खासकर तब जब मतदान प्रक्रिया कई चरणों में चल रही हो। फिलहाल, सभी की निगाहें शनिवार को होने वाले पुनर्मतदान और चुनाव आयोग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जो इस विवाद को किस दिशा में ले जाती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

