पश्चिम बंगाल में EVM-बैलेट बॉक्स सुरक्षा पर सियासी संग्राम, स्ट्रांग रूम नियमों पर उठे सवाल
पश्चिम बंगाल में बीती रात EVM और बैलेट बॉक्स की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर स्ट्रांग रूम में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और बैलेट बॉक्स रखने के नियम क्या हैं और उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है।
सियासी विवाद के बीच बढ़ी निगरानी की मांग
राज्य में हालिया घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही की जाती हैं। सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन और बयानबाज़ी भी देखने को मिली है।
क्या होते हैं स्ट्रांग रूम?
चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदान के बाद EVM और बैलेट बॉक्स को सुरक्षित रखने के लिए विशेष कमरों को स्ट्रांग रूम कहा जाता है। इन्हें अत्यधिक सुरक्षा वाले परिसर में रखा जाता है, जहां 24 घंटे निगरानी की जाती है।
इन परिसरों की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के संयुक्त नियंत्रण में होता है। आमतौर पर सीसीटीवी कैमरे, डबल लॉक सिस्टम और मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा सुनिश्चित किया जाता है।
सुरक्षा के मुख्य नियम
निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार स्ट्रांग रूम में रखी गई सभी EVM मशीनों और बैलेट बॉक्स को सील कर दिया जाता है। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होती।
सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होते हैं:
- 24x7 सीसीटीवी निगरानी
- तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा
- राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सीलिंग प्रक्रिया
- नियमित निरीक्षण और लॉग रिकॉर्डिंग
इन नियमों का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखना होता है।
राजनीतिक दलों की निगरानी की व्यवस्था
परंपरा के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी की अनुमति होती है। वे मशीनों की सुरक्षा पर नजर रख सकते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करने वाली संस्था Election Commission of India सभी राज्यों में इन मानकों को लागू कराती है। आयोग का दावा है कि अब तक की प्रणाली तकनीकी और सुरक्षा दोनों स्तरों पर मजबूत है और किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना को कम करने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि EVM और बैलेट बॉक्स की सुरक्षा व्यवस्था दुनिया की सबसे सख्त चुनावी सुरक्षा प्रणालियों में से एक मानी जाती है। हालांकि, राजनीतिक तनाव के दौरान इन व्यवस्थाओं पर सवाल उठना आम बात है।

