भारत के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक रह चुके मनोज तिवारी ने पार्टी को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें हावड़ा की शिबपुर सीट से टिकट इसलिए नहीं दिया गया क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था।
करीब 40 वर्षीय मनोज तिवारी ने कहा कि टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई और उनसे आर्थिक मांग की गई, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
गौरतलब है कि मनोज तिवारी पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में खेल राज्य मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने शिबपुर सीट से पहले चुनाव भी जीता था और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है।
तिवारी के आरोपों के बाद तृणमूल कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी माहौल में पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकते हैं।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर TMC पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और टिकट वितरण में पारदर्शिता की मांग उठाई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल, मनोज तिवारी के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां टिकट वितरण और आंतरिक राजनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

