ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ एक्टिव, परिसीमन के जरिए बंगाल को बांटने की साजिश का दावा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि देश में लागू किए जा रहे महिला आरक्षण बिल और प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के पीछे पश्चिम बंगाल को “बांटने और कमजोर करने की साजिश” छिपी हुई है।
टीवी9 बांग्ला को दिए एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि “टुकड़े-टुकड़े गैंग” सक्रिय है और वह परिसीमन के बहाने राज्यों की राजनीतिक संरचना को बदलने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य पश्चिम बंगाल की एकता और पहचान को प्रभावित करना है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कानून का समर्थन होने के बावजूद, उसके साथ परिसीमन को जोड़ना संदेह पैदा करता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित किया जा सकता है और कुछ राज्यों की सीटों की संरचना बदल सकती है, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा।
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक “सुनियोजित राजनीतिक रणनीति” काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को चुनावी प्रक्रिया में कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार संवैधानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल को विभाजित करने की किसी भी कोशिश का राज्य सरकार पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इसे परिसीमन जैसे मुद्दों से जोड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सही नहीं है।
राजनीतिक हलकों में ममता बनर्जी के इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने उनके आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के समर्थक इसे राज्य के हितों की रक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।
इस बीच, केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधायी ढांचे पर चर्चा पहले से ही संसद में जारी है। फिलहाल यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर केंद्र बनता दिख रहा है, जहां चुनावी माहौल के बीच केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

