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तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज: ममता बनर्जी को लेकर कल्याण बनर्जी का बयान, वीडियो में देंखे अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज: ममता बनर्जी को लेकर कल्याण बनर्जी का बयान, वीडियो में देंखे अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee के लिए पार्टी के भीतर असंतोष के सुर लगातार बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। विधायक और सांसदों के बीच नाराजगी और दूरी की खबरों के बीच अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के बयान ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।

गुरुवार को मीडिया के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए Kalyan Banerjee ने पार्टी के अंदर नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे Abhishek Banerjee को निशाने पर लिया।कल्याण बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी को अब यह तय करना होगा कि वह उनके साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना नहीं आता और उनका व्यवहार अहंकारी है। उनके अनुसार, इसी कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है और संगठनात्मक ढांचा कमजोर हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर ममता बनर्जी केवल अभिषेक बनर्जी पर ही निर्भर रहना चाहती हैं, तो वे उसी रास्ते पर आगे बढ़ें, लेकिन ऐसे में उन्हें उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं का साथ खोना पड़ेगा। वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नेतृत्व उनसे अलग रास्ता चुनता है, तो वह खुद को ममता बनर्जी के साथ जोड़कर रखेंगे।यह बयान ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) के भीतर पहले से ही कई नेताओं के असंतोष और पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उजागर करता है और इससे संगठनात्मक एकता पर असर पड़ सकता है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से एक मजबूत राजनीतिक ताकत रही है, लेकिन हाल के समय में नेताओं के बीच मतभेद और आंतरिक गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में कल्याण बनर्जी का यह बयान पार्टी के लिए एक और चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।हालांकि, अभी तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी नेतृत्व की चुप्पी ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पार्टी के भीतर यह असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या पार्टी के भीतर सुलह की कोई कोशिश होती है या नहीं।राजनीतिक माहौल में यह घटनाक्रम एक बार फिर संकेत दे रहा है कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी के अंदर सबकुछ सामान्य नहीं है, और आने वाले दिनों में और भी बड़े राजनीतिक बयान सामने आ सकते हैं।

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