कोलकाता समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, अगले दो दिन आंधी-तूफान के साथ बरसात का अलर्ट
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजधानी कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। खास तौर पर 19 और 20 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
कोलकाता में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के शहर पूर्वानुमान के अनुसार 19 सितंबर को कोलकाता में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। 20 सितंबर को भी बारिश और आंधी का असर बने रहने की संभावना है।
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। शुक्रवार से रविवार के बीच अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण बंगाल में बारिश के साथ तेज हवाओं और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
मौसम में बदलाव की एक वजह बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसमी सिस्टम को भी माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर 19 सितंबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर जा सकता है।
उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि सभी जिलों में भारी बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। मालदा और दिनाजपुर जैसे कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, जबकि कई अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है।
मौसम विभाग के ताजा चेतावनी बुलेटिन के मुताबिक 21 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं है। हालांकि इसके बाद 23 से 25 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में फिर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले इलाकों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना बेहतर रहेगा। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से भी बचना चाहिए। वहीं, लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

