Samachar Nama
×

बंगाल में अपराधियों के खिलाफ ‘हॉफ पैंट मॉडल’ चर्चा में, पुलिस की कार्रवाई पर छिड़ी बहस

बंगाल में अपराधियों के खिलाफ ‘हॉफ पैंट मॉडल’ चर्चा में, पुलिस की कार्रवाई पर छिड़ी बहस

पश्चिम बंगाल में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की एक नई कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। राज्य के कई इलाकों में पुलिस द्वारा कथित अपराधियों को सैंडो गंजी और हॉफ पैंट में सड़कों पर घुमाए जाने की घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस कार्रवाई को कुछ लोग अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रिया के नजरिए से देख रहे हैं।

हाल ही में Howrah में कुख्यात अपराधी बताए जा रहे Akash Singh को पुलिस द्वारा रस्सी बांधकर इलाके में घुमाए जाने का मामला सामने आया। इसी तरह संकराइल क्षेत्र में कथित रंगदारी आरोपी Shahin Mollah के साथ भी ऐसी ही कार्रवाई किए जाने की चर्चा है। इन घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद पूरे राज्य में बहस छिड़ गई है।

बताया जा रहा है कि पुलिस अपराधियों में डर पैदा करने और समाज को सख्त संदेश देने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से कुछ इलाकों में अपराध और रंगदारी की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष और मानवाधिकार से जुड़े कई लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या किसी आरोपी को इस तरह सार्वजनिक रूप से घुमाना कानून के दायरे में उचित है। उनका कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन कानून और मानवाधिकारों का पालन भी उतना ही जरूरी है।

इधर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे अपराध पर लगाम लगाने का प्रभावी तरीका बता रहे हैं। वहीं कई यूजर्स का कहना है कि किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी साबित होने से पहले सार्वजनिक अपमान का सामना नहीं करना चाहिए।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस को अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन हर कार्रवाई संविधान और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि आरोपी के अधिकारों और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

राजनीतिक गलियारों में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई नेताओं ने अपराध के खिलाफ सख्त कदमों की जरूरत बताई, जबकि कुछ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल पश्चिम बंगाल में पुलिस की यह कार्रवाई चर्चा और विवाद दोनों का केंद्र बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासन, राजनीतिक दलों और कानूनी विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।

Share this story

Tags