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ईडी की टीएमसी के पूर्व मंत्री रथीन घोष से पूछताछ, नगर पालिका भर्ती घोटाले में जांच तेज

ईडी की टीएमसी के पूर्व मंत्री रथीन घोष से पूछताछ, नगर पालिका भर्ती घोटाले में जांच तेज

पश्चिम बंगाल में सामने आए नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) के पूर्व मंत्री रथीन घोष से पूछताछ की है। यह पूछताछ नगर पालिका भर्ती में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के संदर्भ में की गई है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने रथीन घोष से भर्ती प्रक्रिया में कथित ओएमआर शीट में हेरफेर, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और रिश्वत लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने जैसे गंभीर आरोपों पर सवाल-जवाब किए। जांच एजेंसी को संदेह है कि राज्य की कई नगर पालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनमें परीक्षा मूल्यांकन से लेकर अंतिम चयन तक नियमों का उल्लंघन किया गया।

जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई पहलुओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया। ईडी का कहना है कि यह मामला केवल भर्ती अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित तरीके से भ्रष्टाचार और पैसों के लेन-देन की भी आशंका है।

इस मामले में पूर्व में भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसी घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। Sujit Bose की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क को और गहराई से खंगालना शुरू कर दिया है।

ईडी की टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई और इसमें किन अधिकारियों या राजनीतिक व्यक्तियों की भूमिका हो सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जांच एजेंसी को कुछ ऐसे डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे और पूछताछ की जा सकती है।

रथीन घोष से पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें दोबारा पेश होने के लिए लगभग 10 दिन बाद का समय दिया है। एजेंसी का मानना है कि इस दौरान कुछ और दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच पूरी की जाएगी, जिसके बाद अगली पूछताछ और अधिक विस्तृत हो सकती है।

इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार और सत्ताधारी दल पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके दायरे में और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ईडी की कार्रवाई को इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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