बीजेपी ने नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव के लिए उतारे उम्मीदवार, हसीरानी रथ और शाश्वर सरकार को टिकट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को चुनाव मैदान में उतारा है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद दोनों सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
नंदीग्राम से हसीरानी रथ को टिकट दिए जाने के बाद यह सीट एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हसीरानी रथ, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की कुछ समय पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब बीजेपी ने उनकी मां को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है।
जानकारी के मुताबिक, 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास चंद्रनाथ रथ को गोली मार दी गई थी। गोली लगने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना था और मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा हुई थी।
हसीरानी रथ को नंदीग्राम से टिकट दिए जाने को बीजेपी की रणनीतिक पसंद के तौर पर देखा जा रहा है। नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक प्रभाव से भी जुड़ी रही है। ऐसे में बीजेपी द्वारा चंद्रनाथ रथ की मां को उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
वहीं, रेजीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी ने शाश्वर सरकार को अपना प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की ओर से दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ होने लगी है। बीजेपी इन दोनों सीटों पर अपने संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच समर्थन बढ़ाने के लिए अभियान तेज कर सकती है।
उपचुनाव को लेकर आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है। बीजेपी के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद विपक्षी दल भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटेंगे। दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य की राजनीति से जुड़े बड़े मुद्दे भी उठ सकते हैं।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव बीजेपी के लिए अहम माने जा रहे हैं। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ पार्टी ने अपना चुनावी दांव स्पष्ट कर दिया है। अब नजर इस बात पर होगी कि बीजेपी के उम्मीदवारों को जनता का कितना समर्थन मिलता है और उपचुनाव के नतीजे पश्चिम बंगाल की सियासत पर किस तरह असर डालते हैं।

