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“बम बम भोले” स्टाइल में फॉर्मूले याद करने का तरीका चर्चा में, विजय शेखर शर्मा ने की तारीफ

“बम बम भोले” स्टाइल में फॉर्मूले याद करने का तरीका चर्चा में, विजय शेखर शर्मा ने की तारीफ

सोशल मीडिया पर इन दिनों गणित पढ़ने का एक बेहद अनोखा और मजेदार तरीका तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कठिन त्रिकोणमिति (Trigonometry) फॉर्मूलों को याद करने के लिए एक क्रिएटिव ट्रिक का इस्तेमाल किया गया है। इस अनोखी सीखने की तकनीक ने छात्रों और इंटरनेट यूज़र्स दोनों का ध्यान खींच लिया है।

वायरल कंटेंट में दिखाया गया है कि कैसे जटिल गणितीय फॉर्मूलों को पारंपरिक रटने के बजाय एक रिदमिक और मजेदार अंदाज में याद किया जा सकता है। इसमें “बम बम भोले” जैसे जयकारों और तालमेल वाले पैटर्न का उपयोग करके फॉर्मूलों को आसानी से याद रखने की तकनीक बताई गई है। यह तरीका छात्रों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि यह पढ़ाई को बोझिल बनाने के बजाय रोचक बना देता है।

इस ट्रेंड को और भी ज्यादा पहचान तब मिली जब Vijay Shekhar Sharma ने सोशल मीडिया पर इसकी सराहना की। उन्होंने भारतीय कंटेंट क्रिएटर “Honey Dozer” की इस अनोखी सोच की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे क्रिएटिव तरीके शिक्षा को आसान और अधिक आकर्षक बना सकते हैं।

“Honey Dozer” द्वारा बनाई गई इस ट्रिक में गणित के कठिन फॉर्मूलों को एक तरह की कहानी और रिदम के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को उन्हें याद रखने में आसानी होती है। खासकर उन विद्यार्थियों के लिए यह तरीका मददगार साबित हो रहा है जिन्हें गणित अक्सर कठिन और डरावना विषय लगता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग इसे शेयर कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में कई छात्रों ने लिखा है कि इस तरह की ट्रिक्स पढ़ाई को मजेदार बना देती हैं और लंबे समय तक याद रखने में मदद करती हैं। वहीं कई यूज़र्स ने इसे “एजुकेशन का देसी इनोवेशन” बताया है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लर्निंग को इंटरैक्टिव और एंटरटेनिंग बनाना आज के समय की जरूरत है। जब विद्यार्थी किसी विषय से भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं, तो उनकी समझ और याद रखने की क्षमता बेहतर होती है।

फिलहाल यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग इसे शिक्षा के नए और रचनात्मक तरीके के रूप में देख रहे हैं। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल युग में पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्रिएटिविटी ने उसे और भी आसान बना दिया है।

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