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भारत से कैलाश पर्वत के दर्शन के लिए करना होगा इंतजार, वीडियो में जाने फिलहाल बंद हुए इनर लाइन परमिट; जानिए कब मिलेगी अनुमति

भारत से कैलाश पर्वत के दर्शन के लिए करना होगा इंतजार, वीडियो में जाने फिलहाल बंद हुए इनर लाइन परमिट; जानिए कब मिलेगी अनुमति

भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत के भारत से दर्शन करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को अभी कुछ और इंतजार करना होगा। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से भारत की सीमा के भीतर स्थित ओल्ड लिपुलेख (ओल्ड लिपुपास) तक जाने के लिए फिलहाल इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, मौसम और सुरक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद सितंबर के आसपास दोबारा परमिट जारी किए जाने की संभावना है।

प्रशासन ने बताया कि परमिट शुरू होने के बाद आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ओल्ड लिपुलेख तक पहुंच सकेंगे। यहां से भारत की सीमा के भीतर रहकर तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन किए जा सकते हैं। यह स्थान हाल के वर्षों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है।

इस वर्ष यात्रा सीजन की शुरुआत में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओल्ड लिपुलेख पहुंचे थे और उन्होंने भारत की सीमा से कैलाश पर्वत के दर्शन किए। लेकिन बाद में क्षेत्र में लगातार खराब मौसम और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए सेना ने एहतियातन इस मार्ग पर आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी थी।

इसके बाद जिला प्रशासन और सेना के बीच कई दौर की बातचीत हुई। सुरक्षा और मौसम की समीक्षा के बाद सीमित संख्या में पर्यटकों को अनुमति दी गई, लेकिन वर्तमान में सामान्य श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसी कारण श्रद्धालु फिलहाल ओल्ड लिपुलेख तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में मौसम बेहद तेजी से बदलता है, जिससे यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। इसलिए मौसम और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही परमिट जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।

श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर नजर रखें। यदि मौसम अनुकूल रहा और सुरक्षा एजेंसियों से अनुमति मिली, तो सितंबर के आसपास इनर लाइन परमिट फिर से जारी किए जा सकते हैं।

भारत से कैलाश पर्वत के दर्शन की यह सुविधा उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है, जो किसी कारणवश तिब्बत स्थित पारंपरिक कैलाश-मानसरोवर यात्रा नहीं कर पाते। ऐसे में ओल्ड लिपुलेख से मिलने वाला कैलाश पर्वत का दिव्य दर्शन उनके लिए आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

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