बदमाशों ने विक्रम की हत्या की साजिश पहले जमशेदपुर और फिर नोएडा में रची थी, लेकिन दोनों जगह अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी और मौके की तलाश में थे।
जमशेदपुर में विक्रम का खासा रसूख बताया जा रहा है। वह जहां भी जाता था, उसके साथ 10-15 लोग मौजूद रहते थे। स्थानीय स्तर पर उसकी मजबूत पकड़ और सुरक्षा घेरे के कारण बदमाशों के लिए वहां वारदात को अंजाम देना मुश्किल था।
इसके बाद आरोपियों ने नोएडा में उसे निशाना बनाने की योजना बनाई। सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में उसकी गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित थीं, इसलिए हमलावरों को लगा कि वहां मौका मिल सकता है। हालांकि, वहां भी उनकी योजना सफल नहीं हो सकी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि साजिश कब से रची जा रही थी, इसमें कितने लोग शामिल थे और किस स्तर पर रेकी की गई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

