BRICS मंच पर उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन क्षमता की सराहना, SDRF के साहसिक कार्यों की हुई चर्चा
अंतरराष्ट्रीय मंच BRICS पर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की जमकर सराहना हुई है। विशेष रूप से राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली और State Disaster Response Force (SDRF) Uttarakhand की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान दो प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया गया, जिनमें एसडीआरएफ ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफल राहत और बचाव अभियान चलाकर अपनी क्षमता साबित की।
कठिन परिस्थितियों में निभाई अहम भूमिका
उत्तराखंड भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य है, जहां भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ और हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे हालात में एसडीआरएफ ने कई बार जोखिम उठाकर लोगों की जान बचाई है। BRICS मंच पर भी इन अभियानों को आपदा प्रबंधन के सफल उदाहरणों के रूप में रेखांकित किया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि सीमित समय और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड की आपदा प्रतिक्रिया टीमों ने जिस तरह राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया, वह अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है।
दो प्रमुख अभियानों का हुआ उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की दो महत्वपूर्ण आपदा घटनाओं का विशेष तौर पर जिक्र किया गया। इन अभियानों में एसडीआरएफ के जवानों ने विषम मौसम, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर अपनी दक्षता का परिचय दिया था।
इन सफल अभियानों ने न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन क्षमताओं को नई पहचान दिलाई।
आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का मिला लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। आधुनिक उपकरणों, उन्नत तकनीक, बेहतर समन्वय और नियमित प्रशिक्षण के कारण राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राज्य के लिए गौरव का क्षण
BRICS जैसे वैश्विक मंच पर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की प्रशंसा को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल उत्तराखंड की छवि मजबूत हुई है, बल्कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उसकी विशेषज्ञता को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है और उत्तराखंड ने इस दिशा में जो कार्य किए हैं, वे अन्य राज्यों और देशों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बन सकते हैं।

