Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में फिर बदला मौसम, 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट; देहरादून-नैनीताल समेत 6 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है। आज देहरादून और नैनीताल समेत प्रदेश के छह जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मैदानी क्षेत्रों के साथ पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई देने की संभावना है। देहरादून और नैनीताल के अलावा अन्य जिलों में भी बारिश हो सकती है।
प्रदेश में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। येलो अलर्ट का मतलब मौसम खराब होने की संभावना से है और इस दौरान स्थानीय स्तर पर बारिश या अन्य मौसमी गतिविधियां परेशानी पैदा कर सकती हैं। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी जाती है।
देहरादून में बारिश होने से तापमान में गिरावट आ सकती है और मौसम सुहावना हो सकता है। वहीं नैनीताल समेत पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान ठंडक बढ़ने की संभावना है। मौसम में बदलाव का असर सुबह और शाम के समय ज्यादा महसूस किया जा सकता है।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। ऐसे में बारिश के दौरान सड़क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखते हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट के दौरान लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
कुल मिलाकर उत्तराखंड में मौसम ने फिर से करवट ली है। आज देहरादून, नैनीताल समेत छह जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि प्रदेश में 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट रहेगा। मौसम के इस बदलाव के बीच पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

