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खरगे की रैली को लेकर उत्तराखंड BJP अध्यक्ष का बयान, बोले- ‘आपत्तिजनक नारे और गंदगी फैलाई गई, इसलिए हुआ शुद्धिकरण’

खरगे की रैली को लेकर उत्तराखंड BJP अध्यक्ष का बयान, बोले- ‘आपत्तिजनक नारे और गंदगी फैलाई गई, इसलिए हुआ शुद्धिकरण’

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाए गए और वहां गंदगी फैलाई गई थी, इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार उस स्थान का शुद्धिकरण कराया गया। उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के कारण नहीं की गई थी।

महेंद्र भट्ट का यह बयान ऐसे समय आया है जब खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर आयोजन स्थल के शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष की ओर से इसे लेकर भाजपा पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

‘किसी व्यक्ति के लिए नहीं हुआ शुद्धिकरण’

महेंद्र भट्ट ने कहा कि शुद्धिकरण की कार्रवाई को किसी व्यक्ति की जाति से जोड़ना गलत है। उनके मुताबिक, आयोजन स्थल पर जिस तरह की गतिविधियां हुईं और कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए, उसके बाद वहां धार्मिक परंपरा के अनुसार शुद्धिकरण किया गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शुद्धिकरण किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने इस मामले को जातिगत भेदभाव से जोड़ने पर आपत्ति जताई।

खरगे की रैली के बाद गरमाई सियासत

उत्तराखंड में कांग्रेस की रैली के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम के बाद आयोजन स्थल को लेकर भाजपा की ओर से शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई।

कांग्रेस नेताओं ने इस पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया कि शुद्धिकरण का कारण रैली में कथित तौर पर हुई आपत्तिजनक गतिविधियां थीं, न कि किसी नेता की जाति।

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को बताया गलत

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनका कहना है कि किसी धार्मिक परंपरा के तहत किए गए शुद्धिकरण को जातिगत भेदभाव के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सभी वर्गों का सम्मान करती है और किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव करने का सवाल ही नहीं उठता। उनके बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूल

उत्तराखंड की राजनीति में जाति और सामाजिक सम्मान से जुड़े मुद्दे संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण का मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। कांग्रेस जहां इसे दलित सम्मान से जोड़कर भाजपा पर निशाना साध रही है, वहीं भाजपा इसे धार्मिक आस्था और आयोजन स्थल से जुड़ा मामला बता रही है।

फिलहाल दोनों दलों के नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। महेंद्र भट्ट के बयान ने साफ कर दिया है कि भाजपा इस मामले को जातिगत भेदभाव के बजाय रैली के दौरान कथित आपत्तिजनक गतिविधियों से जोड़कर देख रही है।

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