उत्तराखंड में अग्निवीरों को बड़ी राहत: पुलिस, जेल प्रहरी और वन सुरक्षा बल भर्ती में मिलेगा 10% आरक्षण
उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पहले ही पुलिस, जेल प्रहरी और वन सुरक्षा से जुड़े विभागों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा कर चुकी है। अब सरकार ने संबंधित विभागों को दिसंबर से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए रिक्त पदों का विवरण तैयार करने और विज्ञप्तियां जारी करने के निर्देश दिए हैं।
अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण का लाभ
राज्य सरकार के फैसले के अनुसार, सेना में अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने वाले युवाओं को पुलिस, जेल विभाग और वन सुरक्षा बल की भर्तियों में 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवा में अवसर मिल सकेगा।
विभागों को दिए गए निर्देश
सरकार ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे अपने यहां रिक्त पदों का आकलन कर दिसंबर से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू करें। इससे अग्निवीरों को समय पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता
सरकार का मानना है कि अग्निवीर योजना के तहत प्रशिक्षित युवा अनुशासित और दक्ष होते हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं का उपयोग राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों में किया जा सकता है।
भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी
सूत्रों के अनुसार, पुलिस कांस्टेबल, जेल प्रहरी और वन सुरक्षा कर्मियों के कई पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है। विभागों को रिक्तियों का ब्यौरा जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भर्ती प्रक्रिया में देरी न हो।
सरकार का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे युवाओं को सेना से सेवा पूरी करने के बाद करियर के नए विकल्प मिलेंगे और राज्य को प्रशिक्षित मानव संसाधन प्राप्त होगा।
सरकार के इस फैसले को अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनके लिए सरकारी नौकरियों के नए अवसर खुलेंगे।

