देहरादून में बिजली उपभोक्ताओं पर यूपीसीएल की सख्ती, लोड नहीं बढ़ाने पर जुर्माना और कनेक्शन कटने का खतरा
देहरादून में बिजली का स्वीकृत लोड बढ़ाए बिना अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं की जांच की जा रही है, जिनके बिजली कनेक्शन पर स्वीकृत लोड कम है, लेकिन वास्तविक खपत उससे कहीं अधिक पाई जा रही है।
यूपीसीएल ने कार्रवाई के तहत अब तक 2500 से अधिक उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत लोड नहीं बढ़ाने वाले उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मीटर जांच में सामने आई गड़बड़ी
यूपीसीएल की टीमों की ओर से विभिन्न इलाकों में बिजली कनेक्शनों और मीटर की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि उपभोक्ता के कनेक्शन पर कितना लोड स्वीकृत है और वास्तव में कितनी बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
यदि स्वीकृत सीमा से अधिक भार का इस्तेमाल पाया जाता है तो उपभोक्ता को नियमानुसार लोड बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है। विभाग का कहना है कि निर्धारित लोड के मुकाबले अधिक विद्युत उपकरण चलाने से बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
2500 से ज्यादा उपभोक्ताओं को नोटिस
अभियान के दौरान अब तक 2500 से अधिक उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस के माध्यम से उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन का लोड निर्धारित प्रक्रिया के तहत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि नोटिस के बाद भी यदि उपभोक्ता नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना लगाने के साथ जरूरत पड़ने पर कनेक्शन काटने का कदम भी शामिल है।
घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों पर नजर
यूपीसीएल की जांच में घरेलू के साथ व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों को भी शामिल किया जा रहा है। कई बार उपभोक्ता कनेक्शन लेते समय कम लोड स्वीकृत कराते हैं, लेकिन बाद में घर, दुकान या प्रतिष्ठान में अधिक बिजली उपकरण लगा लेते हैं।
ऐसी स्थिति में स्वीकृत लोड और वास्तविक खपत में अंतर बढ़ जाता है। विभाग अब ऐसे मामलों की पहचान कर रहा है।
उपभोक्ताओं को सावधान रहने की सलाह
यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड जांच लें। यदि घर या प्रतिष्ठान में बिजली के उपकरण बढ़ गए हैं और वर्तमान लोड जरूरत से कम है तो समय रहते लोड बढ़वाने की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना भी है। स्वीकृत क्षमता से अधिक लोड होने पर ट्रांसफार्मर और वितरण नेटवर्क पर दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल देहरादून में यूपीसीएल का अभियान जारी है। 2500 से अधिक नोटिस जारी होने के बाद आने वाले दिनों में नियमों का पालन नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

