कांवड़ यात्रा में दर्दनाक हादसा, फुटेज में देंखे हरिद्वार से लौट रहे चंडीगढ़ के 4 दोस्तों की गंगनहर में डूबने से मौत, परिवारों में मचा कोहराम
चंडीगढ़ से हरिद्वार कांवड़ लेने गए चार दोस्तों की गंगनहर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब चारों दोस्त गंगाजल लेकर वापस चंडीगढ़ लौट रहे थे। रास्ते में गंगनहर में नहाते समय एक युवक तेज बहाव और दलदली मिट्टी में फंस गया। उसे बचाने के प्रयास में उसके तीन साथी भी गहरे पानी में उतर गए और देखते ही देखते चारों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे ने चार परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। सोमवार यानी 3 अगस्त को होने वाले जलाभिषेक की तैयारियां भी अधूरी रह गईं। जिन घरों में भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने वाली थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
दोस्त को बचाने में गई चारों की जान
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ के चार दोस्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने गंगनहर में स्नान करने का फैसला किया। इसी दौरान एक युवक पानी के तेज बहाव में फंस गया और नहर की दलदली मिट्टी में धंसने लगा। उसे डूबता देख उसके तीन दोस्त उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गए। लेकिन नहर का बहाव इतना तेज था कि चारों खुद ही गहरे पानी में चले गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन चारों को बचाया नहीं जा सका।
मृतकों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान चंडीगढ़ के सेक्टर-30 निवासी शिवांशु, नीतिश और भरत तथा सेक्टर-29 निवासी रोहित के रूप में हुई है।चारों दोस्तों के शव आज चंडीगढ़ पहुंचने की जानकारी दी गई है। शवों के पहुंचने की खबर से परिवार और परिचितों में शोक की लहर है।
बेटे को भेजने का पछतावा, मां ने सुनाई आखिरी बात
इस हादसे में सेक्टर-30 निवासी नीतिश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नीतिश पहली बार कांवड़ लेने गया था। उसकी मां को सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का है कि उन्होंने बेटे को जाने की अनुमति क्यों दी।परिजनों के मुताबिक, नीतिश ने अपनी मां को भरोसा दिलाया था कि वह भोलेनाथ की कसम खाकर कह रहा है कि न तो पानी में नहाने उतरेगा और न ही किसी तरह का जोखिम उठाएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
अधूरी रह गई जलाभिषेक की तैयारियां
चारों दोस्त सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए उत्साहित थे। शिव मंदिर में भी सोमवार के कार्यक्रम को लेकर भव्य तैयारियां चल रही थीं। परिवारों की ओर से मंदिर के बाहर टेंट लगाने और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही थीं।जलाभिषेक के लिए ढोल-नगाड़ों की बुकिंग तक कर ली गई थी। लेकिन जैसे ही चारों दोस्तों के हादसे की खबर मिली, परिवारों और परिचितों में हड़कंप मच गया। जिसके पास जो वाहन उपलब्ध था, वह तुरंत हरिद्वार के लिए रवाना हो गया।
कांवड़ यात्रियों से सावधानी की अपील
इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा मने आया है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील करता है कि वे नदियों और नहरों में स्नान करते समय सावधानी बरतें और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें।चार दोस्तों की एक साथ मौत ने पूरे चंडीगढ़ को झकझोर कर रख दिया है। परिवार अब अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं।

