बद्रीनाथ धाम में फिर उठा वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा, वीडियो में जाने VIP दर्शन शुल्क और कथित फर्जी बिलों पर बढ़ा विवाद
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब दो नए वित्तीय मामलों ने मंदिर समिति को फिर विवादों में ला दिया है। इस बार मामला VIP दर्शन के लिए शुल्क वसूली और VIP मेहमानों के ठहरने व खानपान के नाम पर कथित फर्जी बिल बनाए जाने से जुड़ा है। इन दोनों मुद्दों को लेकर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
VIP दर्शन के नाम पर 1100 रुपये शुल्क का विवाद
जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा के पीक सीजन के दौरान बद्रीनाथ धाम में कुछ श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था शुरू की गई। इस व्यवस्था के तहत सामान्य कतार से अलग दर्शन कराने के लिए प्रति श्रद्धालु 1100 रुपये का शुल्क लिया गया। श्रद्धालुओं को इसके बदले आधिकारिक रसीद भी जारी की गई।बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था से अब तक करीब 1.63 करोड़ रुपये की राशि जमा होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस शुल्क को लागू करने की प्रक्रिया और इसकी वैधता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
मंदिर समिति के भीतर मतभेद
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि VIP दर्शन शुल्क लागू करने से पहले मंदिर समिति के बोर्ड की मंजूरी नहीं ली गई थी। उनके अनुसार, इतने महत्वपूर्ण निर्णय को बिना बोर्ड की स्वीकृति के लागू करना नियमों के अनुरूप नहीं है।वहीं, मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने इस व्यवस्था का बचाव किया है। उनका कहना है कि यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और VIP दर्शन के नाम पर होने वाली अनधिकृत वसूली पर रोक लगाना था।
VIP मेहमानों के नाम पर कथित फर्जी बिलों का मामला
VIP दर्शन शुल्क के अलावा एक अन्य वित्तीय मामला भी चर्चा में है। आरोप है कि VIP मेहमानों के ठहरने और खानपान के नाम पर कथित तौर पर फर्जी बिल तैयार किए गए। इन आरोपों के सामने आने के बाद मंदिर समिति के भीतर जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच या प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पारदर्शिता की मांग तेज
चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों पर उठे सवालों ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।अब मांग की जा रही है कि VIP दर्शन शुल्क, उससे प्राप्त राशि और अन्य वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल मंदिर समिति के भीतर इन मुद्दों पर अलग-अलग राय सामने आने से विवाद और गहरा गया है।

