चमोली में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने धारा-163 लागू की
उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद हालात को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में BNSS की धारा-163 लागू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब शनिवार को नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे की छत पर निहंग श्रद्धालु चढ़ गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने एहतियातन BNSS की धारा-163 लागू कर दी है, जिसके तहत क्षेत्र में भीड़ एकत्र करने, जुलूस या किसी भी प्रकार की सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह या टकराव को रोकने के लिए उठाया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। साथ ही, मामले की जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवाद की असली वजह क्या थी और किन परिस्थितियों में तनाव बढ़ा।
पुलिस का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह घटना एक बार फिर संवेदनशील क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय और संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

