सुरेंद्र कोली नाम बदलकर हरिद्वार में रह रहा था, 4 दिन पहले खोली थी चाय की दुकान; परिवार कहां?
निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद उसके आखिरी दिनों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि वह हरिद्वार में अपनी पहचान छिपाकर ‘सदाराम’ नाम से रह रहा था। कुछ समय तक उसने सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम किया और इसके बाद चाय की दुकान शुरू की। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक दुकान शुरू किए उसे कुछ ही दिन हुए थे। शुक्रवार को इसी दुकान के अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
सदाराम के नाम से रह रहा था
रिपोर्टों के मुताबिक सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। आसपास के लोग उसे सदाराम के नाम से जानते थे। उसके पास मिले दस्तावेजों से बाद में उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई। एक रिपोर्ट के अनुसार उसके पास अलग-अलग पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मिले, जिनमें एक में सदाराम और दूसरे में सुरेंद्र कोली नाम दर्ज था।
हरिद्वार आने के बाद उसने रोजगार के लिए सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी की। इसके बाद उसने भूपतवाला और सप्तऋषि मार्ग क्षेत्र में चाय की दुकान शुरू करने का फैसला किया। दुकान को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में इसे तीन-चार दिन पहले शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक उसने 6 सितंबर को दुकान की शुरुआत पूजा कराने और प्रसाद बांटने के साथ की थी।
दुकान शुरू करने से पहले कराई थी पूजा
स्थानीय लोगों के अनुसार दुकान शुरू करने के समय सुरेंद्र ने पूजा कराई और आसपास प्रसाद बांटा था। लोगों ने उसे सामान्य और मिलनसार बताया। किसी को शुरुआत में उसके अतीत के बारे में जानकारी नहीं थी। रिपोर्टों के अनुसार वह चाय की दुकान के आसपास ही रहता था।
मौत से एक दिन पहले वह कथित तौर पर परेशान नजर आया था। एक व्यक्ति ने बताया कि उसे परिवार में किसी बच्चे के जन्मदिन के लिए पैसे की जरूरत थी और उसे 2,000 रुपये दिए गए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी उसकी मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
सुरेंद्र कोली का परिवार कहां है?
सुरेंद्र कोली के परिवार को लेकर सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक निठारी कांड में गिरफ्तारी के बाद उसका पारिवारिक जीवन पूरी तरह बदल गया था। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसकी पत्नी ने 2006 में उससे संबंध खत्म कर लिए थे और बाद में दूसरी शादी कर ली थी। उसके दो भाइयों के बारे में भी जानकारी सामने आई है। एक भाई दिल्ली में परिवार के साथ रहता है, जबकि दूसरा अल्मोड़ा में निजी स्कूल में शिक्षक बताया गया है। उसकी मां का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था।
हालांकि, परिवार से जुड़े इन विवरणों की अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग जानकारी दी गई है। इसलिए पुलिस की आधिकारिक पुष्टि को अंतिम आधार माना जाना बाकी है।
मौत की जांच जारी
शुक्रवार को चाय की दुकान के अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से सुसाइड नोट मिलने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है।
सुरेंद्र कोली को निठारी मामले में लंबे समय तक आरोपी और दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसे राहत मिली। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी लंबित निठारी मामले में भी उसे बरी कर दिया था।

