निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव
बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था। स्थानीय स्तर पर वह दूसरे नाम से रह रहा था। शुक्रवार सुबह जब दुकान नहीं खुली तो लोगों को शक हुआ। दुकान का शटर उठाने पर अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। उसके सामान से मिले आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।
कुछ दिन पहले ही शुरू की थी चाय की दुकान
स्थानीय लोगों के अनुसार कोली ने हाल ही में हरिद्वार में चाय की दुकान शुरू की थी। रिपोर्टों के मुताबिक उसने दुकान शुरू करने से पहले पूजा भी कराई थी। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि वह सामान्य तरीके से लोगों से बातचीत करता था और चाय बेचता था। उसकी पहचान को लेकर आसपास के अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं थी कि वह निठारी कांड से जुड़ा सुरेंद्र कोली है।
पुलिस के अनुसार, कोली के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में उसकी मौत की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस परिवार और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच में आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
2025 में सुप्रीम कोर्ट ने किया था बरी
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड से जुड़ा था। नोएडा के निठारी क्षेत्र में कई बच्चों और महिलाओं के लापता होने के बाद यह मामला सामने आया था। कोली उस समय कारोबारी मनिंदर सिंह पंढेर के यहां घरेलू सहायक के रूप में काम करता था। मामले की जांच के बाद कोली और पंढेर समेत अन्य लोगों पर मुकदमे चले।
कोली को कई मामलों में निचली अदालत से सजा मिली थी और उसे लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। हालांकि बाद की न्यायिक प्रक्रिया में उसे राहत मिलती गई। वर्ष 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी किया और वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी बरी किए जाने की स्थिति को बरकरार रखा। इसके बाद वह जेल से बाहर आया था।
मौत के कारणों की जांच जारी
सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निठारी कांड से जुड़े व्यक्ति की इस तरह मौत होने के बाद करीब दो दशक पुराने मामले की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। वहीं, कोली की मौत से जुड़े अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।

