कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, पिथौरागढ़ में तैयारियां पूरी; वीडियो में जाने लिपुलेख और नाथुला से होगी यात्रा
पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आज से आधिकारिक रूप से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस धार्मिक यात्रा को लेकर उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा दो प्रमुख मार्गों—उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथुला दर्रे—से संचालित की जाएगी।यात्रा के संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने कुमाऊं क्षेत्र के पिथौरागढ़ जिले में व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। दोनों मार्गों से कुल 1000 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होंगे, जिनमें 500-500 यात्रियों को दो अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ाया जाएगा। इन दलों को 10-10 समूहों में विभाजित किया जाएगा ताकि यात्रा को सुचारू और सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सके।
लिपुलेख दर्रा, जो कुमाऊं क्षेत्र में स्थित है, वहां से यात्रा संचालन की जिम्मेदारी पिथौरागढ़ जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को सौंपी गई है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य जांच, आवास और मार्ग प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारियां की हैं।इस संबंध में 27 अप्रैल को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय, कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यात्रा संचालन को लेकर सहमति बनी और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में पिथौरागढ़ जिले से धारचूला के उपजिलाधिकारी भी शामिल हुए थे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व की यात्रा माना जाता है। हर साल देशभर से श्रद्धालु इस कठिन लेकिन आस्था से जुड़ी यात्रा में शामिल होते हैं, जो हिमालय की दुर्गम परिस्थितियों के बीच सम्पन्न होती है।प्रशासन का कहना है कि इस बार भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्य जांच शिविर, ऑक्सीजन सपोर्ट, मौसम निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था जैसी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। रजिस्ट्रेशन शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना जताई जा रही है।

