उत्तराखंड में बारिश का कहर, वीडियो में देंखे कुमाऊं में 6 लोगों की मौत, 88 सड़कें बंद; नैनीताल सबसे ज्यादा प्रभावित
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में पिछले 24 से 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर तराई इलाकों तक लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगहों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़े हादसों में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान अल्मोड़ा जिले में हुआ है, जहां अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई। वहीं नैनीताल जिले में एक दर्दनाक हादसे में 3 साल के मासूम की मौत हो गई।
भूस्खलन से 88 सड़कें बंद
कुमाऊं मंडल के अपर आयुक्त जीवन सिंह नगन्याल ने बताया कि भारी बारिश के बाद जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण मंडल के सभी छह जिलों में कुल 88 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं।सड़कों पर पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन और सड़क विभाग की टीमें लगातार मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं।
नैनीताल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश का सबसे ज्यादा असर नैनीताल जिले में देखने को मिल रहा है। यहां कई मुख्य मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों पर भी मलबा आने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।कई इलाकों में लोगों को जरूरी सामान पहुंचाने और आपात सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
पहाड़ों में बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कमजोर पहाड़ी ढलानों से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।मौसम विभाग की ओर से भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा है।
राहत और बचाव कार्य जारी
बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर जरूरी सेवाओं को बहाल किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

