अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, इंडिया गेट पर धरने में पहुंचे; राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बुधवार शाम दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे। दोनों नेता करीब एक घंटे तक वहां रुके और परिवार से मुलाकात की। अंकिता के परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और नियुक्ति रद्द की जाए।
परिवार का कहना है कि बेटी की हत्या से जुड़े मामले में जिस वीआईपी को लेकर लगातार सवाल उठाए जातेरहे हैं, उसे राज्यपाल बना दिया गया है। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है। वहीं, मामले में लगाए जा रहे आरोपों और दावों की पुष्टि जांच तथा संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होना जरूरी है।
इंडिया गेट पर धरने में पहुंचे राहुल और प्रियंका गांधी
बुधवार शाम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंचे, जहां अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। दोनों नेताओं ने परिवार से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। परिवार उत्तराखंड से दिल्ली पहुंचा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मांगों को सामने रख सके।अंकिता के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर न्याय के लिए आवाज उठाई, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली। ऐसे में वे दिल्ली आकर अपनी बात देश के सामने रखना चाहते हैं। परिवार को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की अपील
अंकिता के परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मांग की है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार ने नियुक्ति रद्द करने की भी अपील की है।दी गई जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति के बाद अंकिता की मां सोनी देवी ने अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि बेटी की हत्या के मामले में जिस वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, उसे राज्यपाल बनाए जाने से परिवार की परेशानी बढ़ गई है।हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ उठाए गए सवाल और आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करते। मामले में किसी भी निष्कर्ष के लिए जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं।
मां सोनी देवी बोलीं- न्याय के लिए कहां जाएं?
मीडिया से बातचीत में सोनी देवी ने कहा कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले से जुड़े सवालों के बीच ऐसी नियुक्ति हो गई है, तो परिवार न्याय के लिए किसके पास जाए।सोनी देवी ने बताया कि परिवार उत्तराखंड से दिल्ली आया है और इंडिया गेट पर अपनी आवाज उठाना चाहता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई, लेकिन आम जनता ने हमेशा उनका साथ दिया है। परिवार के अनुसार, लोगों के समर्थन से ही उनकी आवाज आगे तक पहुंची है।अंकिता की मां ने उम्मीद जताई कि देश के लोग आगे भी परिवार का साथ देंगे और उनकी बेटी को न्याय दिलाने की मांग में सहयोग करेंगे।
क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा किया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को सजा देने की मांग उठी थी।अंकिता के परिवार की ओर से एक वीआईपी का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहा है। परिवार चाहता है कि मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए। इस मामले में अदालत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।फिलहाल, इंडिया गेट पर परिवार का धरना और राष्ट्रपति से की गई अपील मामले को फिर चर्चा में ले आई है। अब परिवार की मांगों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच से जुड़े आगे के कदम महत्वपूर्ण होंगे।

