प्री-मानसून का कहर: कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने से 16 की मौत; वीडियो में देंखे उत्तराखंड में बादल फटने जैसे हालात
देशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में भीषण गर्मी का असर भी बना हुआ है। मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि उत्तराखंड के चमोली में मूसलाधार बारिश के बाद बादल फटने जैसे हालात बन गए।
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर कई राज्यों में प्री-मानसून बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे रही है, तो दूसरी ओर तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अब तक देश के 22 राज्यों को कवर कर चुका है। अनुमान है कि 5 जुलाई तक मानसून पूरे देश में पहुंच सकता है।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में शुक्रवार को बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बारिश के बावजूद उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर बना रहा। इन राज्यों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।
मध्य प्रदेश में मौसम का कहर सबसे ज्यादा बालाघाट जिले में देखने को मिला। यहां आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं देवास जिले में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मकान की बालकनी ढह गई। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई।
झारखंड में भी बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की जान चली गई। वहीं छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत होने की सूचना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद हालात काफी बिगड़ गए। लगातार हुई बारिश के कारण बादल फटने जैसी स्थिति बन गई, जिससे कई इलाकों में भारी मात्रा में मलबा आ गया। मलबे की चपेट में एक स्कूल, आठ बड़े वाहन, एक एंबुलेंस और कई मकान आ गए। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात सामान्य करने में जुटे हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। संवेदनशील इलाकों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
देशभर में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ जहां किसानों के लिए अच्छी खबर है, वहीं प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं।

