Samachar Nama
×

देहरादून में SIR को लेकर राजनीतिक हलचल तेज, भाजपा-कांग्रेस सक्रिय, UKD की भूमिका पर सवाल

देहरादून में SIR को लेकर राजनीतिक हलचल तेज, भाजपा-कांग्रेस सक्रिय, UKD की भूमिका पर सवाल

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। Dehradun> में जहां भाजपा और कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर मतदाता सूची पुनरीक्षण पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं Uttarakhand Kranti Dal की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

घर-घर पहुंचेगा बीएलओ

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत बीएलओ (Booth Level Officer) मतदाताओं के घरों पर पहुंचकर सत्यापन कार्य करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक घर पर बीएलओ तीन बार तक दस्तक देंगे, ताकि कोई पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए और जानकारी का सही सत्यापन हो सके।

भाजपा और कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता

राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां अपने-अपने स्तर पर कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने के निर्देश दे रही हैं। राजनीतिक दलों का फोकस नए मतदाताओं के पंजीकरण, त्रुटियों के सुधार और मतदाता सूची के सत्यापन पर बना हुआ है।

UKD की भूमिका चर्चा में

जहां भाजपा और कांग्रेस की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, वहीं क्षेत्रीय दल Uttarakhand Kranti Dal की ओर से अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में हो रही है। इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ सत्यापन के लिए उनके घर पहुंचें तो वे आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम चरण

विशेष गहन पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम हों और किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

आने वाले दिनों में देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। ऐसे में राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासन और मतदाताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

Share this story

Tags