चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, वीडियो में देंखे हरिद्वार-ऋषिकेश-देहरादून में बनाए गए विशेष काउंटर
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए आज से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य के प्रमुख शहरों और यात्रा मार्गों पर कई रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां तीर्थयात्री आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।Haridwar में ऋषिकुल मैदान पर 20 काउंटर बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। इसके साथ ही Rishikesh में ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी पर 30 से अधिक काउंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके।
वहीं, Dehradun के हरबर्टपुर बस स्टैंड पर भी एक बड़ा रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाया गया है, जहां स्थानीय और बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों का पंजीकरण किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस बार व्यवस्था को पहले से अधिक सुव्यवस्थित और डिजिटल सपोर्ट के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्गों पर भी कई स्थानों पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इनमें सोनप्रयाग, जानकीचट्टी, बरकोट (यमुनोत्री मार्ग), हिना (उत्तरकाशी), पंखी (चमोली), जोशीमठ, बद्रीनाथ, गौरीकुंड और गोविंदघाट जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों पर यात्रियों को यात्रा के दौरान ही आवश्यक पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रियों को कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। इनमें आधार कार्ड, पहचान पत्र, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज शामिल होना चाहिए। इसके साथ ही एक सक्रिय मोबाइल नंबर और परिवार के किसी सदस्य का संपर्क नंबर देना आवश्यक है, ताकि आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके।इसके अलावा यात्रियों को चारधाम दर्शन की संभावित तिथि भी रजिस्ट्रेशन के समय बतानी होगी, जिससे यात्रा प्रबंधन को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में मदद मिल सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने किसी परिचित या परिवार के सदस्य का रजिस्ट्रेशन कराने आता है, तो उसे उनके सभी दस्तावेज और मोबाइल नंबर का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
Char Dham Yatra को लेकर इस बार प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रा को अधिक संगठित, सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही यात्रियों को बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा की योजना बनाने में भी सुविधा होगी।

