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देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटकों व तीर्थयात्रियों की संख्या ने छह करोड़ का आंकड़ा पार किया

देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटकों व तीर्थयात्रियों की संख्या ने छह करोड़ का आंकड़ा पार किया

देवभूमि उत्तराखंड में प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों की आस्था और पर्यटन में बढ़ती लोकप्रियता के बीच प्रदेश सरकार के सक्रिय प्रयासों से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। राज्य गठन के बाद पहली बार उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों का आंकड़ा छह करोड़ पार कर गया है।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस रिकॉर्ड संख्या में सबसे अधिक पर्यटक हरिद्वार पहुंचे, जहां कुल 3.42 करोड़ पर्यटक व तीर्थयात्री पहुंचे। इसके अलावा ऋषिकेश, नैनीताल, मसूरी, पौड़ी, देहरादून और चमोली जैसे प्रमुख स्थानों पर भी भारी संख्या में लोग आए। अधिकारियों का कहना है कि आस्था और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में संतुलित प्रयासों के कारण यह उपलब्धि संभव हो पाई है।

प्रदेश सरकार ने चारधाम और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का सुधार, सड़क संपर्क, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए हैं। इसके अलावा, स्वच्छता अभियान और डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से तीर्थयात्रियों को बेहतर अनुभव देने पर जोर दिया गया है।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि राज्य में सुरक्षा, आवास और मार्ग की सुविधा में काफी सुधार हुआ है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अति आधुनिक सेवा केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ी और यात्रा में होने वाली परेशानियों में कमी आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थयात्रा का संयोजन राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे रहा है। होटल, गेस्ट हाउस, ट्रैवल एजेंसी और स्थानीय दुकानदारों को सीधा लाभ मिला है। इसके अलावा, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़े हैं और ग्रामीण इलाकों में भी आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जंगल क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए भी विशेष अभियान चलाए गए हैं। पर्यटकों को जंगलों में कचरा न फेंकने और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के लिए जागरूक किया गया।

सरकार ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में चारधाम यात्रा और राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों पर और अधिक निवेश, डिजिटल गाइडलाइन और स्मार्ट पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य न केवल आस्था और यात्रा को सुरक्षित बनाना है, बल्कि उत्तराखंड को एक विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाना भी है।

इस उपलब्धि के बाद प्रदेश में पर्यटन और तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने की नीति और मजबूत हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह रिकॉर्ड राज्य की विकास दर और आर्थिक स्थिरता के लिए भी सकारात्मक संकेत है।

इस प्रकार, देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में हुई यह अभूतपूर्व वृद्धि राज्य सरकार की योजनाओं, आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का प्रत्यक्ष परिणाम है। आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य का पर्यटन क्षेत्र और मजबूत होगा।

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