उत्तराखंड से था नाना पाटेकर का खास लगाव, वीडियो में जाने पहाड़ों में 9 दिन रहे; यहीं घर बनाने की जताई थी इच्छा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा के डोना पाउला स्थित घर पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। अभिनेता का उत्तराखंड से भी खास जुड़ाव रहा है। करीब चार साल पहले उन्होंने चमोली की नीती घाटी में फिल्म की शूटिंग के दौरान पहाड़ों में करीब नौ दिन बिताए थे।
नीती घाटी की खूबसूरती ने जीता था दिल
सितंबर-अक्टूबर 2022 में नाना पाटेकर मराठी फिल्म ‘ओले आले’ की शूटिंग के लिए चमोली जिले की नीती घाटी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नीती गांव, तपोवन, लाता और मलारी सहित आसपास के इलाकों में फिल्म के दृश्यों की शूटिंग की थी। शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने करीब नौ दिन पहाड़ों में बिताए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्हें यहां का शांत वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ी लोगों की सादगी काफी पसंद आई थी। उन्होंने स्थानीय रहन-सहन और संस्कृति को करीब से समझने में भी दिलचस्पी दिखाई थी।
पहाड़ी जीवन के बारे में स्थानीय लोगों से ली जानकारी
नीती घाटी में शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर स्थानीय लोगों से घुल-मिल गए थे। उन्होंने पहाड़ों के रहन-सहन, पारंपरिक वेशभूषा, मौसम और स्थानीय जीवन से जुड़ी कई चीजों के बारे में जानकारी ली। बताया जाता है कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित होकर उन्होंने भविष्य में यहां जमीन खरीदकर अपना घर बनाने की इच्छा भी जताई थी। स्थानीय लोगों के बीच आज भी उनके इस जुड़ाव को याद किया जाता है।
SDM ने की थी मुलाकात, भेंट किए थे सेब और अखरोट
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाना पाटेकर ने उत्तराखंड में मकान बनाने की इच्छा के बारे में भी चर्चा की थी। इसी सिलसिले में जोशीमठ की तत्कालीन एसडीएम कुमकुम जोशी ने उनसे मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान उन्हें स्थानीय सेब और अखरोट भेंट किए गए थे। नाना पाटेकर के उत्तराखंड से जुड़ाव की यह मुलाकात भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय रही।
29 सितंबर 2022 को ऋषिकेश भी पहुंचे थे
चमोली में फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने ऋषिकेश का भी दौरा किया था। 29 सितंबर 2022 को उनके ऋषिकेश पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। पहाड़ों में शूटिंग के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों और यहां के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को भी करीब से देखा। नाना पाटेकर का उत्तराखंड से यह जुड़ाव उनके प्रशंसकों के लिए अब उनकी यादों का हिस्सा बन गया है। एक अभिनेता के तौर पर उन्होंने पर्दे पर कई अलग-अलग किरदार निभाए, लेकिन पहाड़ों में बिताए उनके दिन उनके जीवन की उन यादों में शामिल रहे, जिन्हें स्थानीय लोग आज भी याद करते हैं।
पांच दशक से ज्यादा का रहा फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक लंबे फिल्मी करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार बेहद चर्चित रहे। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। उनके निधन के बाद देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। उत्तराखंड में भी उनके प्रशंसक उनकी नीती घाटी यात्रा और पहाड़ों से जुड़े उस खास लगाव को याद कर रहे हैं, जब उन्होंने यहां घर बनाने की इच्छा जताई थी।

