चारधाम यात्रा के 5 हफ्तों में कई श्रद्धालुओं की मौत, स्वास्थ्य कारण बने बड़ी चिंता
Char Dham Yatra के दौरान उत्तराखंड में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन यात्रा के शुरुआती पांच हफ्तों में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कई तीर्थयात्रियों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, सांस लेने में दिक्कत, उच्च रक्तचाप और ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक यात्रा मार्गों पर अब तक अलग-अलग धामों में कई श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित वे यात्री बताए जा रहे हैं जो पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे या बिना स्वास्थ्य जांच के कठिन यात्रा पर निकल पड़े।
Kedarnath Temple यात्रा मार्ग पर सबसे ज्यादा स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई हैं। ऊंचाई और कठिन चढ़ाई के कारण यहां बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। वहीं Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple मार्गों पर भी स्वास्थ्य आपात स्थितियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में श्रद्धालुओं को पहले से हृदय रोग, शुगर, ब्लड प्रेशर या सांस संबंधी बीमारियां थीं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और लंबी पैदल यात्रा के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई।
राज्य सरकार और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं। खासकर बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही यात्रा करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि चारधाम यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण यात्रा है, लेकिन इसकी भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में शारीरिक रूप से फिट रहना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य टीमों की तैनाती बढ़ा दी है। हेलीकॉप्टर सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता दी जा सके।
फिलहाल प्रशासन श्रद्धालुओं से मौसम, स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है, ताकि चारधाम यात्रा सुरक्षित और सुगम तरीके से पूरी हो सके।

