टिहरी गढ़वाल में बड़ा हादसा टला, बद्रीनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी 7 लोग सुरक्षित
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब बद्रीनाथ धाम से देहरादून लौट रहे श्रद्धालुओं के एक हेलिकॉप्टर को तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर में अचानक असंतुलन (अनबैलेंस) होने लगा, जिसके बाद स्थिति को गंभीर देखते हुए पायलट ने तुरंत सुरक्षित लैंडिंग का फैसला लिया।जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में महिला पायलट मौजूद थीं, जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पास के खेत में लैंडिंग कराई। हालांकि, लैंडिंग के दौरान एक और गंभीर स्थिति पैदा हो गई जब हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से टकरा गया। इस टक्कर के कारण हेलिकॉप्टर को हल्का नुकसान भी पहुंचा, लेकिन पायलट ने परिस्थिति को नियंत्रित रखते हुए विमान को सुरक्षित तरीके से उतार लिया।
इस हेलिकॉप्टर में कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें पायलट और श्रद्धालु शामिल थे। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्री दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र के रहने वाले एक ही परिवार से संबंधित हैं, जो बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। घटना सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर हुई, जब उड़ान सामान्य रूप से जारी थी लेकिन तकनीकी खराबी के कारण स्थिति अचानक बदल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। साथ ही हेलिकॉप्टर को हुए नुकसान का भी प्रारंभिक निरीक्षण किया गया।प्रशासन ने बताया कि यह मामला बेहद संवेदनशील था, लेकिन पायलट की त्वरित निर्णय क्षमता और सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यदि समय रहते लैंडिंग नहीं कराई जाती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल घटना की जांच की जा रही है कि तकनीकी खराबी किस कारण से हुई और उड़ान के दौरान यह स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। एयरलाइंस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता को उजागर करती है

