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पहाड़ों में सड़क बनाना होगा आसान, अब अलग मंजूरी का झंझट नहीं; धामी सरकार ने बदला नियम

पहाड़ों में सड़क बनाना होगा आसान, अब अलग मंजूरी का झंझट नहीं; धामी सरकार ने बदला नियम

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क बनाना तो अब आसान होगा ही, साथ ही उसमें लगने वाला समय भी कम होने जा रहा है। धामी कैबिनेट ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण से जुड़े एक मानक में बड़ी छूट देने का प्रस्ताव मंजूर कर दिया। सड़क बनाने के लिए पहाड़ के कटान और उसके बाद संबंधित क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्यों के लिए अलग अलग अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। अब एक बार में ही दोनों मों के लिए मंजूरी मिल जाएगी।

राज्य पर्वतीय क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए दो चरण में अनुमति लेनी अनिवार्य है। प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद दूसरे चरण के स्टेज-1 में केवल पहाड़ के कटान की अनुमति दी जाती है। जबकि इसके दूसरे चरण में संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा दीवार, पुलिया, नालियां आदि के लिए अलग से मंजूरी लेनी पड़ती है। इसमें दोहरा समय लगता है।

लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण को वन टाइम सेटलमेंट योजना। राज्य में स्टांप से जुड़े लंबित केस के निस्तारण के लिए एकमुश्क्त समाधान यानि वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की जाएगी। गुरुवार को कैबिनेट ने वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। वर्तमान में राज्य के विभिन्न न्यायालयों में स्टांप से जुड़े 3600 केस लंबित हैं। इनके समाधान से राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। सेटलमेंट योजना से लंबित केसों में पक्षकारों को भी राहत मिलेगी।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को आसान बनाया

सरकार विधानसभा में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 लाने जा रही है। साथ ही कैबिनेट ने रुड़की के आरोग्यम विवि और बीएसएम विवि को निजी विवि के रूप में मान्यता देने और उत्तरकाशी के मंजीरा देवी विश्वविद्यालय और देहरादून के आईएमएस यूनिसन विवि के संचालन को नियमावली के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों का नया ढांचा मंजूर

राज्य के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों(डायट) के नए ढांचे को धामी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसमें प्रत्येक डायट में पदों की संख्या 48 से घटकर 44 रह जाएगी। सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे का पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया। इसमें अब प्रत्येक डायट में पदों की संख्या में कटौती की गई है। हालांकि नए ढांचे में प्रत्येक डायट में अब उप प्राचार्य की तैनाती भी हो सकेगी।

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