IMA Passing Out Parade: 93 साल के इतिहास में पहली बार बेटियों की ऐतिहासिक एंट्री, बनेगा नया कीर्तिमान
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (Indian Military Academy) अपने 93 साल के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। कल होने वाली पासिंग आउट परेड में पहली बार महिला कैडेट्स अफसर के रूप में शामिल होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी। यह क्षण न केवल अकादमी बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu परेड की सलामी लेंगी। पासिंग आउट परेड में शामिल होने वाले सभी कैडेट्स के साथ-साथ महिला अधिकारी भी अपने प्रशिक्षण का अंतिम चरण पूरा कर सेना में औपचारिक रूप से शामिल होंगी।
आईएमए की यह परंपरा वर्षों से भारतीय सेना के अनुशासन, शौर्य और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक रही है। लेकिन इस बार महिला कैडेट्स की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया है। इससे यह संदेश भी स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना में अब महिलाओं की भूमिका और अधिक मजबूत और महत्वपूर्ण होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक परेड में देश-विदेश से आए कैडेट्स हिस्सा लेंगे, जिन्होंने कठिन प्रशिक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। महिला अधिकारियों का शामिल होना सेना में समान अवसर और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारतीय सशस्त्र बलों में एक नई सोच और आधुनिकता का प्रतीक है, जहां योग्यता और क्षमता के आधार पर सभी को समान अवसर दिए जा रहे हैं।
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में इस ऐतिहासिक समारोह को लेकर उत्साह का माहौल है। सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा कर दिया गया है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
फिलहाल पूरे देश की नजर इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड पर टिकी है, जो भारतीय सेना के इतिहास में एक नई मिसाल कायम करने जा रही है।

