रुद्रप्रयाग में गुलदार ने बच्चे को उठाया, प्रशासन ने आठ विद्यालयों में अवकाश घोषित किया
रुद्रप्रयाग तहसील के सिंद्रवाणी क्षेत्र में एक भयावह घटना घटी, जब एक गुलदार ने बच्चे को उठाने की कोशिश की। इस घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एक आपात निर्णय लिया है। जिसके तहत चार और पांच फरवरी को क्षेत्र के आठ स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने अवकाश घोषित किए गए विद्यालयों की सूची भी जारी की है। इसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमसील, सारी, सिंद्रवाणी, झालीमठ, छिनका, हिलोरीधार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छिनका तथा जनता हाई स्कूल ककोड़ाखाल शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों की चिंता को देखते हुए उठाया गया है।
सिंद्रवाणी क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से सटे इस क्षेत्र में जंगली जानवरों का आना आम है, लेकिन हाल ही में बच्चों पर आक्रमण की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे प्रशासन की सतर्कता जरूरी हो गई है।
विद्यालयों में अवकाश के कारण शिक्षण गतिविधियां प्रभावित होंगी, लेकिन प्रशासन ने इसे आवश्यक कदम बताया। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को बाहर अकेले न भेजें और जंगल के पास जाने से रोकें।
वन विभाग ने भी इस मामले में विशेष टीम तैनात की है, जो क्षेत्र में पैट्रोलिंग कर रही है और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रख रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे जंगल और गांव के बीच सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि गुलदार जैसे शिकारी जानवरों का इंसानों के नजदीक आना अक्सर उनके प्राकृतिक भोजन की कमी या आवासीय क्षेत्रों के पास जंगल के दबाव के कारण होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि जंगल और मानव बस्तियों के बीच दूरी बनाए रखना और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करना आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा कि अवकाश केवल दो दिनों का है और इसके बाद सभी स्कूलों में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी। प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के आसपास अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में जागरूकता बढ़ा दी है। ग्रामीण और अभिभावक अब बच्चों को अकेले नहीं भेज रहे हैं और स्कूल जाने के समय विशेष सावधानी बरत रहे हैं। स्थानीय मीडिया और अधिकारियों ने भी सावधानी और सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है।
इस प्रकार, रुद्रप्रयाग के सिंद्रवाणी क्षेत्र में हुई इस भयावह घटना ने प्रशासन और वन विभाग दोनों को सक्रिय किया है। बच्चों की सुरक्षा और गुलदार जैसी जंगली प्रजातियों के खतरे को देखते हुए उठाया गया यह कदम क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरा है।

