उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तराखंड सरकार ने समान कार्य के लिए समान वेतन और महंगाई भत्ते को लेकर चरणबद्ध तरीके से लाभ देने की प्रक्रिया तय की है। सरकार के इस फैसले से लंबे समय से समान वेतन की मांग कर रहे बड़ी संख्या में उपनल कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के फैसले के मुताबिक 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों के साथ ही 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की कार्रवाई शुरू की गई है। इसके लिए शासन की ओर से आदेश में संशोधन किया गया है। इससे उन कर्मचारियों को लाभ मिलेगा जो लंबे समय से विभिन्न सरकारी विभागों में उपनल के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं।
वहीं, 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 के बीच नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी। इस चरण के तहत पात्र कर्मचारियों को निर्धारित वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने की व्यवस्था होगी।
सरकार ने उपनल कर्मचारियों को लेकर पहले भी चरणबद्ध व्यवस्था का ऐलान किया था। अगस्त 2026 में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया था कि 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। इसके बाद 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मचारियों को तीसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
इस फैसले का महत्व इसलिए भी है क्योंकि उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी उपनल के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने सेवा में कृत्रिम व्यवधान की स्थिति में भी कुछ पुराने उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने की व्यवस्था में बदलाव किया है। निरंतर नियुक्ति की शर्त को हटाने की जानकारी भी सामने आई है।
उपनल कर्मचारियों के संगठन लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा से जुड़े अधिकारों की मांग करते रहे हैं। सरकार के चरणबद्ध फैसले से अब अलग-अलग नियुक्ति अवधि वाले कर्मचारियों को तय प्रक्रिया के तहत वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू नियम और लाभ की तारीख उनकी नियुक्ति अवधि और पात्रता के आधार पर अलग हो सकती है।

