देहरादून में नियो मेट्रो की जगह दौड़ेगी इलेक्ट्रिक बस, सड़कों के बीच डिवाइडर पर बनेंगे पिलर
देहरादून में प्रस्तावित नियो मेट्रो परियोजना की जगह अब इलेक्ट्रिक बस आधारित पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने की तैयारी है। इस सिस्टम को एलिवेटेड फ्लाईओवर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए दून की प्रमुख सड़कों के बीच डिवाइडर वाले हिस्से में पिलर खड़े किए जाएंगे और उनके ऊपर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए अलग कॉरिडोर बनाया जाएगा।
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और लोगों को तेज एवं व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। जमीन पर मौजूद सड़कों के बजाय बसों के लिए अलग एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होने से सामान्य यातायात के साथ सार्वजनिक परिवहन को अलग रास्ता मिल सकेगा।
योजना के तहत मुख्य सड़कों के बीच उपलब्ध डिवाइडर क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां पिलर खड़े कर उनके ऊपर कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। इससे सड़कों पर अतिरिक्त जगह घेरने की जरूरत कम हो सकती है और मौजूदा सड़क व्यवस्था को भी बड़े स्तर पर प्रभावित किए बिना सार्वजनिक परिवहन का विस्तार किया जा सकेगा।
नियो मेट्रो की जगह इलेक्ट्रिक बस आधारित सिस्टम पर आगे बढ़ने का फैसला देहरादून की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
एलिवेटेड कॉरिडोर पर बसों के संचालन के लिए निर्धारित स्टॉप और स्टेशन बनाए जाने की योजना होगी। यात्रियों को इन स्टेशनों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों, लिफ्ट या अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि, स्टेशन और कॉरिडोर की विस्तृत डिजाइन तथा निर्माण से जुड़ी जानकारी परियोजना के अंतिम रूप लेने के बाद स्पष्ट होगी।
देहरादून में लगातार बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक जाम की समस्या के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में एलिवेटेड इलेक्ट्रिक बस सिस्टम को शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए एक नए विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
परियोजना के आगे बढ़ने के साथ इसके रूट, स्टेशनों की संख्या, निर्माण लागत और संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आएगी। फिलहाल मुख्य सड़कों के बीच डिवाइडर पर पिलर खड़े कर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

