देहरादून–मसूरी रोपवे: ट्रैफिक जाम से राहत की तैयारी, 2000 से ज्यादा यात्री प्रति घंटे कर सकेंगे सफर
देहरादून और मसूरी के बीच यात्रा को आसान बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। यह रोपवे देहरादून के पुरकुल क्षेत्र से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है।
Dehradun और Mussoorie को जोड़ने वाला यह रोपवे पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इसकी क्षमता प्रति घंटे 2000 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित और तेज यात्रा सुविधा देने की होगी।
इस परियोजना को पहाड़ी क्षेत्र की यातायात समस्या का बड़ा समाधान माना जा रहा है, खासकर पर्यटन सीजन में जब मसूरी मार्ग पर भारी जाम लग जाता है। रोपवे शुरू होने के बाद सड़क मार्ग पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक, यह रोपवे केवल सामान्य यातायात सुविधा ही नहीं बल्कि आपातकालीन स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बारिश, बर्फबारी या सड़क बंद होने की स्थिति में यह वैकल्पिक परिवहन साधन के रूप में काम करेगा, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों को पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, परियोजना को पर्यावरण के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।हालांकि पहाड़ी भूगोल और निर्माण संबंधी चुनौतियां अब भी मौजूद हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा।कुल मिलाकर, यह रोपवे परियोजना उत्तराखंड की पर्यटन और परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

