Samachar Nama
×

‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में बढ़ी भीड़, ट्रैफिक और प्लास्टिक कचरे से परेशान स्थानीय लोग; श्रद्धालुओं से खास अपील

‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में बढ़ी भीड़, ट्रैफिक और प्लास्टिक कचरे से परेशान स्थानीय लोग; श्रद्धालुओं से खास अपील

उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम की लोकप्रियता और बढ़ने की बात सामने आ रही है। बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, बढ़ती भीड़ के साथ स्थानीय लोगों के सामने ट्रैफिक, शोर, प्लास्टिक कचरे और लगातार हो रही व्लॉगिंग जैसी समस्याएं भी खड़ी हो गई हैं।कैंची धाम नैनीताल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े इस स्थान पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से आसपास के इलाकों में वाहनों का दबाव भी बढ़ रहा है। कई बार सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनने से स्थानीय लोगों और दूसरे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता बढ़ते प्लास्टिक कचरे को लेकर भी है। बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने से खाने-पीने की पैकिंग, बोतल और अन्य प्लास्टिक सामग्री जगह-जगह दिखाई देने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल की स्वच्छता और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को बनाए रखने के लिए सभी को जिम्मेदारी समझनी होगी।इसके अलावा कैंची धाम और आसपास के इलाकों में तेज आवाज और शोर को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थल की गरिमा और स्थानीय लोगों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की जा रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि दर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और अनावश्यक शोर से बचें।

व्लॉगिंग भी इस समय एक बड़ी चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के दौरान कई लोग लंबे समय तक कैमरा लेकर घूमते हैं या ऐसी जगहों पर रिकॉर्डिंग करते हैं, जहां भीड़ और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की जा रही है कि सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के बजाय धार्मिक स्थल की गरिमा और व्यवस्था को प्राथमिकता दें।श्रद्धालुओं से यह भी अपील की जा रही है कि वे प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में न फेंकें। कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें और कैंची धाम की प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान न पहुंचाएं। इसके साथ ही वाहनों को निर्धारित स्थानों पर पार्क करने और यातायात व्यवस्था का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

कैंची धाम में बढ़ती भीड़ से जहां स्थानीय कारोबार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं बढ़ते दबाव को संभालना भी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से ही व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।स्थानीय लोगों की अपील साफ है कि कैंची धाम दर्शन और आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां आने वाले लोग साफ-सफाई, शांति और धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखें। श्रद्धालु दर्शन के साथ पर्यावरण और स्थानीय लोगों की सुविधाओं का भी सम्मान करें, ताकि कैंची धाम की पहचान और सुंदरता बनी रहे।

Share this story

Tags