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रुड़की कोर्ट परिसर से दोषी फरार, पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रुड़की कोर्ट परिसर से दोषी फरार, पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

उत्तराखंड के रुड़की से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। रामनगर स्थित रुड़की कोर्ट परिसर में शुक्रवार को एक दोषी को जैसे ही सजा सुनाई गई, वह महज कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से कोर्ट परिसर से लेकर जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश किया गया था, जहां सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उसे सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में वापस ले जाया जाना था, लेकिन इसी दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई। आरोपी ने मौके का फायदा उठाया और पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने से फरार हो गया।

घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और फरियादियों में भी दहशत का माहौल बन गया। सवाल उठने लगे कि अदालत जैसे अति-संवेदनशील परिसर में एक दोषी कैसे आसानी से फरार हो सकता है। इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत हरकत में आए और जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई। आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला लापरवाही और सुरक्षा में चूक का प्रतीत हो रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी को एस्कॉर्ट करने में कितने पुलिसकर्मी तैनात थे और उन्होंने तय प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को लेकर उच्च स्तर पर भी नाराजगी है। संभावना जताई जा रही है कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वहीं कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने पर भी विचार किया जा रहा है।

इस घटना की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर अदालत परिसर में ही अपराधी सुरक्षित नहीं पकड़े जा सकते, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। अधिवक्ता संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस फरार दोषी की तलाश में जुटी हुई है और अधिकारियों का दावा है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन यह घटना निश्चित तौर पर पुलिस प्रशासन और न्यायिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलार्म साबित हुई है, जिससे सबक लेना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

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