बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर विवाद गहराया, वीडियो में जाने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में SIT जांच की मांग
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच अब उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले को उठाने वाले संगठन ने अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।
चार सदस्यीय जांच समिति पर उठाए सवाल
भैरव सेना उत्तराखंड के अध्यक्ष संदीप खत्री ने देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में श्री बद्री-केदार मंदिर समिति द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि मौजूदा समिति से मामले की पारदर्शी जांच होने को लेकर लोगों के मन में संदेह है, इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं, फिर भी निष्पक्ष जांच की मांग
संदीप खत्री ने स्वीकार किया कि फिलहाल संगठन के पास आरोपों को सिद्ध करने वाले प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि इसी कारण पूरे मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि सभी तथ्यों का सत्यापन हो सके।
मुख्यमंत्री धामी और PMO को भेजा पत्र
भैरव सेना की ओर से इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजा गया है। साथ ही इसकी प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी भेजी गई है। संगठन ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाए।
'किसी को दोषी ठहराना नहीं, सच्चाई सामने लाना उद्देश्य'
संदीप खत्री ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं है। उनका कहना है कि जांच में आरोप सही साबित हों या गलत, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का मंदिर व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना बेहद जरूरी है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भरोसा कायम रहे।

