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चारधाम यात्रा में बढ़ी चिंता: शुरुआती 19 दिनों में 32 तीर्थयात्रियों की मौत, स्वास्थ्य कारण प्रमुख वजह

चारधाम यात्रा में बढ़ी चिंता: शुरुआती 19 दिनों में 32 तीर्थयात्रियों की मौत, स्वास्थ्य कारण प्रमुख वजह

उत्तराखंड में चल रही पवित्र चारधाम यात्रा इस बार श्रद्धालुओं के लिए जहां आस्था का केंद्र बनी हुई है, वहीं स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी लगातार बढ़ रही हैं। यात्रा सीजन के शुरुआती 19 दिनों में अब तक कम से कम 32 तीर्थयात्रियों की मौत की जानकारी सामने आई है। इन मौतों के पीछे मुख्य कारण अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना, हृदय संबंधी समस्याएं और उच्च ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी को बताया जा रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों लोग उत्तराखंड के चारधाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक बदलते मौसम और ठंडे वातावरण के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर मामलों में तीर्थयात्रियों को सांस लेने में तकलीफ, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याएं हुई हैं। कई श्रद्धालु पहले से ही पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे, लेकिन ऊंचाई और कठिन यात्रा मार्ग के कारण उनकी स्थिति और बिगड़ गई।

यात्रा मार्गों पर तैनात मेडिकल टीमों ने बताया कि लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए कई जगहों पर इमरजेंसी मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इसके बावजूद हर दिन कुछ न कुछ स्वास्थ्य संबंधी मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपना मेडिकल चेकअप जरूर कराएं और डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि चारधाम यात्रा जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से काफी कम होता है, जिससे बुजुर्ग और हृदय रोगी ज्यादा प्रभावित होते हैं। लगातार चलने वाली चढ़ाई, ठंडा मौसम और शारीरिक थकान मिलकर स्वास्थ्य जोखिम को बढ़ा देते हैं।

प्रशासन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि भीड़भाड़ वाले समय में यात्रा से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्का भोजन करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत नजदीकी मेडिकल सेंटर से संपर्क करें। इसके अलावा यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग को भी कई जगहों पर अनिवार्य किया गया है।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।

हालांकि, इतनी मौतों की खबरों ने तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। कई लोग सोशल मीडिया पर प्रशासन से बेहतर व्यवस्थाओं और सख्त स्वास्थ्य निगरानी की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल चारधाम यात्रा जारी है, लेकिन बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं ने इसे लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम यात्रा कर सकें।

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