राहुल गांधी के चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव के दावे पर CM धामी का पलटवार, बोले- उत्तराखंड में ऐसा नहीं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव को लेकर किए गए दावे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि देश में कुछ चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है। उनके मुताबिक, दलितों को डिस्पोजेबल कप में चाय दी जाती है, जबकि अन्य लोगों को कांच या सिरेमिक के दोबारा इस्तेमाल होने वाले कप में चाय परोसी जाती है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके दावे पर जवाब देते हुए उत्तराखंड में ऐसी स्थिति से इनकार किया।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाज में आज भी जाति के आधार पर भेदभाव की घटनाएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर चाय परोसने के लिए अलग-अलग कप का इस्तेमाल किया जाता है।
राहुल गांधी के मुताबिक, दलित समुदाय के लोगों को डिस्पोजेबल कप में चाय दी जाती है, जबकि अन्य लोगों को कांच या सिरेमिक के कप में चाय परोसी जाती है। उन्होंने इसे सामाजिक भेदभाव का उदाहरण बताया।
CM धामी ने दिया जवाब
राहुल गांधी के बयान पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने राहुल गांधी के दावे को लेकर कहा कि राज्य में इस तरह का जातिगत भेदभाव नहीं है।
सीएम धामी ने अपने जवाब के जरिए राहुल गांधी के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि उत्तराखंड की सामाजिक परिस्थितियों को इस तरह पेश करना सही नहीं है। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
जातिगत भेदभाव पर सियासत तेज
जातिगत भेदभाव का मुद्दा देश की राजनीति में लगातार संवेदनशील विषय रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से कांग्रेस के ऐसे दावों और आरोपों पर जवाब दिया जाता रहा है।
चाय की दुकानों पर कप के इस्तेमाल को लेकर राहुल गांधी के दावे और सीएम धामी की प्रतिक्रिया ने उत्तराखंड की राजनीति में भी इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। दोनों नेताओं के बयानों के बाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, राहुल गांधी के दावे और मुख्यमंत्री धामी के जवाब के बीच मुख्य मुद्दा यही है कि क्या चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर अलग-अलग कप दिए जाने की प्रथा कहीं मौजूद है। इस बयान ने सामाजिक भेदभाव और जातिगत समानता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

