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उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में मंगलवार से जनगणना शुरू, 131 गांवों में घर-घर पहुंचेगी टीम 

उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में मंगलवार से जनगणना शुरू, 131 गांवों में घर-घर पहुंचेगी टीम

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और बर्फीले इलाकों में मंगलवार से जनगणना का काम शुरू होने जा रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों के 131 गांवों और तीन निकायों में प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे।

182 प्रगणक और पर्यवेक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी

जनगणना अभियान के लिए कुल 182 प्रगणक और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। ये कर्मचारी निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर परिवारों से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाएंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद अभियान को निर्धारित समय पर पूरा करने की तैयारी है।

इन इलाकों में कई गांव काफी ऊंचाई पर स्थित हैं और सर्दियों में बर्फबारी के कारण यहां पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में समय रहते जनगणना प्रक्रिया पूरी करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चार जिलों के 131 गांव शामिल

इस चरण में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले के कुल 131 गांवों को शामिल किया गया है। इसके अलावा तीन निकाय क्षेत्रों में भी जनगणना की जाएगी।

प्रगणक और पर्यवेक्षक स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी दर्ज करेंगे। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों और प्रक्रिया की जानकारी दी जा चुकी है।

बर्फीले इलाकों में चुनौतीपूर्ण होगा अभियान

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जनगणना कराना मैदानी इलाकों की तुलना में काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कई स्थानों तक सड़क संपर्क सीमित है, जबकि कुछ गांवों तक पैदल पहुंचना पड़ता है। मौसम में बदलाव और बर्फबारी भी अभियान में बाधा बन सकती है।

इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी की है। संबंधित कर्मचारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंप दी गई है, ताकि किसी भी गांव या परिवार की गणना छूटने न पाए।

घर-घर जाकर जुटाया जाएगा आंकड़ा

जनगणना टीम प्रत्येक निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी जुटाएगी। अधिकारियों का प्रयास है कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली आबादी का भी सटीक आंकड़ा तैयार किया जाए।

मंगलवार से शुरू होने वाले इस अभियान के जरिए उच्च हिमालयी क्षेत्रों की जनसंख्या और वहां रहने वाले परिवारों से जुड़ा महत्वपूर्ण डाटा जुटाया जाएगा। प्रशासन ने अभियान को व्यवस्थित और सुचारु तरीके से पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इस जनगणना अभियान के पूरा होने के बाद चारों जिलों के दुर्गम और बर्फीले इलाकों की आबादी से संबंधित आंकड़े सरकारी रिकॉर्ड में शामिल होंगे, जो भविष्य में विकास योजनाओं और सरकारी सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

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