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देहरादून स्मार्ट वेंडिंग जोन में बड़ा घोटाला! मुर्दों के नाम पर दुकानें आवंटित, एक ही परिवार को मिलीं 5-5 दुकानें

देहरादून स्मार्ट वेंडिंग जोन में बड़ा घोटाला! मुर्दों के नाम पर दुकानें आवंटित, एक ही परिवार को मिलीं 5-5 दुकानें

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बने स्मार्ट वेंडिंग जोन को लेकर बड़ा घपला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि वेंडिंग जोन में कई दुकानें ऐसे लोगों के नाम आवंटित कर दी गईं जो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। इतना ही नहीं, नियमों को दरकिनार करते हुए एक ही परिवार के कई सदस्यों को 5-5 दुकानें तक दे दी गईं। मामला सामने आने के बाद नगर निगम और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि शहर में रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाए गए थे। सरकार का उद्देश्य था कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को रोजगार का स्थायी साधन मिल सके। लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि योजना का फायदा असली जरूरतमंदों के बजाय रसूखदार लोगों और फर्जी लाभार्थियों को पहुंचाया गया।

सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुछ दुकानों का आवंटन ऐसे लोगों के नाम पर किया गया जो वर्षों पहले मर चुके हैं। रिकॉर्ड में उनके नाम मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर कोई और कारोबार कर रहा है। इससे पूरे आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि नियमों के मुताबिक एक परिवार को सीमित संख्या में दुकानें मिलनी चाहिए थीं, लेकिन कई मामलों में एक ही परिवार के 4 से 5 सदस्यों के नाम पर अलग-अलग दुकानें आवंटित कर दी गईं। आरोप है कि इसमें अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत हो सकती है।

मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में भारी नाराजगी है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि जिन लोगों को वास्तव में दुकान की जरूरत थी, उन्हें दरकिनार कर दिया गया। कई गरीब रेहड़ी वालों ने आरोप लगाया कि उनसे आवेदन के नाम पर पैसे भी लिए गए, लेकिन उन्हें दुकान नहीं मिली।

विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और नगर निगम पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि स्मार्ट वेंडिंग जोन जैसी योजनाओं में भ्रष्टाचार होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवंटनों की दोबारा जांच की जाएगी। यदि किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो आवंटन रद्द कर संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मृत लोगों के नाम पर दुकानें कैसे आवंटित हो गईं। कई यूजर्स इसे “सिस्टम की बड़ी लापरवाही” बता रहे हैं।

फिलहाल देहरादून स्मार्ट वेंडिंग जोन का यह घोटाला शहर में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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