देहरादून में बड़ा आरोप: सरकारी वाहन निजी स्कूलों में ‘VIP बच्चों’ के लिए इस्तेमाल, ईंधन बचत नीति पर उठे सवाल
देहरादून में सरकारी वाहनों के कथित दुरुपयोग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ सरकारी गाड़ियां निजी स्कूलों में ‘वीआईपी बच्चों’ को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जबकि सरकार लगातार ईंधन बचाने की अपील कर रही है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इन वाहनों का उपयोग आधिकारिक कार्यों के बजाय निजी सुविधाओं के लिए किया जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।
उत्तराखंड सरकार पहले ही ईंधन खपत कम करने और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। ऐसे में इस तरह के आरोपों ने नीति और उसके क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह सीधे तौर पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला होगा। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस पर जांच की मांग की है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच की जा सकती है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी जा सकती है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल, यह मुद्दा देहरादून में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

