बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: BKTC के पूर्व टेंपल अधिकारी गिरफ्तार, वीडियो में देंखे SIT की जांच में सामने आई अहम भूमिका
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने शुक्रवार को इस मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया। चौहान को ज्योतिर्मठ से हिरासत में लेने के बाद लंबी पूछताछ की गई और फिर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून को ही अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे। गिरफ्तारी से पहले एसआईटी ने उनसे करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।
पहले भी हो चुकी है एक गिरफ्तारी
इस मामले में इससे पहले 12 जुलाई को BKTC के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त नकदी और अन्य दान सामग्री में अनियमितता की।एसआईटी का कहना है कि जांच के दौरान दोनों के बीच मिलीभगत के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
CCTV और इलेक्ट्रॉनिक सबूत बने आधार
जांच एजेंसी के मुताबिक, राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, दस्तावेजी रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है।पुलिस का दावा है कि इन साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ है कि थाली भेंट की गणना के दौरान प्राप्त नकदी और अन्य चढ़ावे का कुछ हिस्सा कथित रूप से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किए बिना अपने कब्जे में लिया गया।
चढ़ावे की गणना के दौरान हुई कथित गड़बड़ी
एसआईटी के अनुसार, राजेंद्र चौहान उस समय थाली भेंट गणना प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में अनियमितता की और श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई राशि तथा अन्य सामग्री का कुछ हिस्सा कथित तौर पर हड़प लिया।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल था या नहीं।
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। एसआईटी मंदिर में चढ़ावे के संग्रह, गणना और जमा करने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है, ताकि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता का पता लगाया जा सके।
श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला
बद्रीनाथ धाम देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और दान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ी है।फिलहाल एसआईटी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

